हिमाचल कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल, किन्नौर और शिमला ग्रामीण को मिले नए जिला अध्यक्ष

हिमाचल कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल, किन्नौर और शिमला ग्रामीण को मिले नए जिला अध्यक्ष

Organizational reshuffle in Himachal Congress

Organizational reshuffle in Himachal Congress

शिमला। Organizational reshuffle in Himachal Congress, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने दो जिला अध्यक्षों की तैनाती की है। नेगी निगम भंडारी को जिला कांग्रेस कमेटी किन्नौर और हरिकृष्ण हिमराल को शिमला ग्रामीण (संगठनात्मक जिला) का अध्यक्ष बनाया गया है। 6 नवंबर 2024 को पार्टी हाईकमान ने राज्य, जिला व ब्लाक कांग्रेस कमेटियों को भंग किया था। अन्य कमेटियों का गठन हो चुका है। इन दोनों जिलों में नेताओं के बीच चल रही आपसी खींचतान के चलते मामला लटका हुआ था।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों ही नियुक्तियों को लेकर संगठन में खासी चर्चा है।

राजस्व मंत्री विरोधी खेमे से हैं भंडारी

निगम भंडारी युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में वह युवा कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव हैं और कर्नाटक के प्रभारी है। राहुल गांधी की टीम के सदस्य हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर सियासी गलियारों में खासी चर्चा है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने उमेश नेगी, प्रेम कुमार और निर्मल चंद के नाम आगे बढ़ाया था। हाईकमान ने युवा चेहरे निगम भंडारी पर भरोसा जताकर अलग संदेश दिया है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी निगम भंडारी का नाम किन्नौर सीट के टिकट को लेकर सुर्खियों में रहा था। उस समय उनकी दावेदारी के कारण जगत नेगी का टिकट पहली सूची में घोषित नहीं हो पाया था।

राठौर के करीबी हिमराल की नियुक्ति भी चर्चा में

संगठनात्मक जिला शिमला ग्रामीण से ई. हरिकृष्ण हिमराल को जिला अध्यक्ष बनाया है। वह पार्टी के सचिव हैं व कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के करीबी माने जाने वाले हिमराल को हाईकमान ने यह जिम्मेदारी सौंपी है। शिमला ग्रामीण से भी कई नाम चर्चा में थे, लेकिन हाईकमान ने हिमराल पर ही भरोसा जताया है।

कांग्रेस हाईकमान का स्पष्ट संकेत व संदेश

इन नियुक्तियों के जरिए कांग्रेस हाईकमान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि किसी एक नेता या खेमे की पसंद के बजाय संगठनात्मक संतुलन और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इन नियुक्तियों को कांग्रेस के भीतर नए शक्ति केंद्रों के उभरने की शुरुआत माना जा रहा है।